महाभारत के कुछ ऐसे स्थल जो आज भी स्थित है……

1. गांधार…….. आज के कंधार को कभी गांधार के रूप में जाना जाता था। यह देश पाकिस्तान के रावलपिन्डी से लेकर सुदूर अफगानिस्तान तक फैला हुआ था। धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी वहां के राजा सुबल की पुत्री थीं। गांधारी के भाई शकुनी दुर्योधन के मामा थे। 2. तक्षशिला……. तक्षशिला गांधार Read more…

जब आप एक हज़ार फ़ीट की ऊँचाई से इस मनोरम आर्यन सत्य को निहारेंगे तो मन ही मन पुलकित हो उठेंगे।

अमेरिका के पर्वतीय क्षेत्र ऑरेगन की एक झील में एक रहस्य सदियों से पड़ा सो रहा था। झील में बहता पानी उस रहस्य को दुनिया की आँखों से बचाए रखता था। एक दिन झील सूख गई और रहस्य अपने विशालकाय रूप के साथ प्रकट हुआ। बात उस श्रीयंत्र की हो Read more…

क्या आप जानते हो भगवान शिव को शमशान क्यों प्रिय है?

मृत्यु का पल या मृत्यु की संभावना अधिकतर लोगों के जीवन का सबसे तीव्र अनुभव होता है। उनमें से अधिकांश लोग तीव्रता के उस स्तर को अपने जीवन-काल में कभी महसूस नहीं कर पाते। उनके प्रेम में, उनकी हंसी में, उनकी खुशी में, उनके आनंद में, उनके दुख में.. किसी Read more…

भक्त नामदेव जी और भगवान विट्ठल की सुंदर कथा।

कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते हुए नामदेव जी से पत्नि ने कहा- भगत जी! आज घर में खाने को कुछ भी नहीं है। आटा, नमक, दाल, चावल, गुड़ और शक्कर सब खत्म हो गए हैं।शाम को बाजार से आते हुए घर के लिए Read more…

श्रीकृष्ण के इस पत्थर को हटाने के लिए सात हाथियों का लिया गया सहारा, पर नहीं हिला..

हमारी धरती पर अनेक अजूबों और रहस्यमयी तथ्यों का भण्डार है , जिनके बारे में कभी हम किताबों में पढ़ते हैं, तो कभी किसी की जुबानी सुनते हैं. सच में इन अद्भुत वस्तुओं और स्थानों के अस्तित्व पर संदेह होता है. ऐसा ही एक अजूबा है ‘कृष्णा की बटर बॉल’ Read more…

हवन की महत्ता…
हवन के द्वारा न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का नाश होता है।

फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमे उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है जो की खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओ को मारती है तथा वातावरण को Read more…

वैंकटेश भगवान,पौराणिक गाथाओं और परम्पराओं से जु़डा संक्षिप्त इतिहास…

वैंकटेश भगवान को कलियुग में बालाजी नाम से भी जाना गया है। पौराणिक गाथाओं और परम्पराओं से जु़डा संक्षिप्त इतिहास यहां प्रस्तुत है.. प्रसिद्ध पौराणिक सागर-मंथन की गाथा के अनुसार जब सागर मंथन किया गया था तब कालकूट विष के अलावा चौदह रत्‍‌न निकले थे। इन रत्‍‌नों में से एक Read more…

हिन्दू एक संस्कृत शब्द हैं
जो करोड़ो वर्ष प्राचीन है!आज जानिए, कहाँ से आया हिन्दू शब्द, और कैसे हुई इसकी उत्पत्ति!

अब संस्कृत के इस शब्द को सन्धि विछेदन करें !हीन+दू = हीन भावना + से दूरअर्थात जो हीन भावना या दुर्भावना से दूर रहे मुक्त रहे वो हिन्दू है ! बार-बार हमेशा झूठ बताया जाता है कि हिन्दू शब्द मुगलों ने हमे दिया, जो “सिंधु” से “हिन्दू” हुआ, किन्तु आज Read more…

ॐ का सही तरीके से उच्चारण करने से ११ प्रकार के
शारीरिक लाभ होते हैं…

ॐ : ओउम् तीन अक्षरों से बना है।अ उ म् ।“अ” का अर्थ है उत्पन्न होना,“उ” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,“म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना। ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता Read more…

શ્રી ભગવતગોમંડળ મુજબ ૬૪ પ્રકારની કળાઓ કઈ કઈ છે?ચાલો જાણીએ….

શાસ્ત્રોમાં જણાવેલ ચોસઠ પ્રકારની કલા નીચે પ્રમાણે છે: (૧) ગીત (ગાવું). (૨) વાદ્ય (બજાવવું). (૩) નૃત્ય (નાચવું). (૪) નાટય (અભિનય કરવા). (૫) આલેખ્ય (ચીતરવું). (૬) વિશેષકચ્છેદ્ય (તિલકનો સંચો બનાવવો).(૭) તંડુલ-કુસુમાવલિ-વિકાર (ચોખા અને ફૂલોનો ચોક પૂરવો). (૮) પુષ્પાસ્તરણ (ફૂલનોની સેજ બનાવવી).(૯) દશનવસનાંગરાગ (દાંત અને અંગોને રંગવાની વિધિ જાણવી). (૧૦) મણિભૂમિકાકર્મ (ઋતુને Read more…

કબીર વાણી..

માટી કા એક નાગ બનાકેપૂજે લોગ લુગાયા..જિન્દા નાગ જબ ઘર સે નિકલેલે લાઠી ધમકાયા.. જિન્દા બાપ કોઈ ના પૂજેમરે બાદ પુજવાયા..મુઠીભર ચાવલ લેકેકૌવે કો બાપ બનાયા.. દુનિયા કિતની બાવરી હૈજો પત્થર પૂજે જાય..ઘર કી ચકીયા કોઈ ન પૂજેજિસકા પિસા ખાય.. – સંત કબીર..

कौवे के साथ अपना समय बर्बाद करना बंद करो, बस आप ख़ुद ऊंचाइयों पर चले जाओं और वे ऐसे ही मिट जाएंगे !!

क़ौआ एकमात्र पक्षी हैं जो बाज़ पर चोंच मारने की हिम्मत करता है, वह बाज़ की पीठ पर बैठता है और उसकी गर्दन पर काटता है, लेकिन बाज़ जवाब नहीं देता है, और न ही कौवा से लड़ता है और न ही कौवा पर समय बर्बाद करता है वह बस Read more…